आज के समय में जैविक खेती का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अधिक उपयोग से जहाँ मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है, वहीं मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में जैविक खेती एक सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प बनकर सामने आई है।
जैविक खेती में गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है। इससे मिट्टी की संरचना सुधरती है और लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहती है। जैविक फसलों में पोषक तत्व अधिक होते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
हालाँकि जैविक खेती में शुरुआती समय में उत्पादन थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन लंबे समय में लागत घटती है और बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। सरकार भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएँ चला रही है। सही प्रशिक्षण और धैर्य के साथ जैविक खेती किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
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