उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर भगवान शिव के महाकाल स्वरूप को समर्पित है, जो समय और मृत्यु के भी अधिपति माने जाते हैं। माना जाता है कि यहां स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है, जिसकी पूजा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
महाकाल मंदिर की सबसे विशेष पूजा भस्म आरती है, जो ब्रह्म मुहूर्त में होती है। इस आरती में शिवलिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की जाती है। देश-विदेश से श्रद्धालु इस अलौकिक दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है।
उज्जैन धार्मिक ही नहीं, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण शहर है। क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह नगरी सदियों से साधना और तप की भूमि रही है। महाकाल के दर्शन मात्र से ही भक्तों को आत्मिक शांति और मोक्ष की अनुभूति होती है।
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