उज्जैन महाकाल मंदिर की भस्म आरती पूरे भारत में प्रसिद्ध है। यह आरती प्रतिदिन तड़के सुबह होती है और इसमें शिवलिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाता है। भस्म जीवन की नश्वरता का प्रतीक मानी जाती है, जो यह सिखाती है कि संसार क्षणभंगुर है।
भस्म आरती के दौरान मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़े और शंखध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। इस आरती में शामिल होना हर शिवभक्त की इच्छा होती है। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पहले से पंजीकरण कराना पड़ता है।
ऐसा माना जाता है कि भस्म आरती के दर्शन से जीवन के भय समाप्त होते हैं और आत्मिक बल मिलता है। यह आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव है, जो मन को गहराई से छू जाता है।
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